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Chaitra Navratri 2025, जो 28 मार्च से 5 अप्रैल तक मनाई जाएगी, हिंदू कैलेंडर के अनुसार चैत्र माह की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से प्रारंभ होती है। यह नौ दिनों का पर्व विशेष रूप से माँ दुर्गा की उपासना के लिए समर्पित होता है। इस दौरान श्रद्धालु माँ दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा करते हैं, जिसमें माँ शैलपुत्री, माँ ब्रह्मचारिणी, माँ चंद्रघंटा, माँ कूष्मांडा, माँ स्कंदमाता, माँ कात्यायनी, माँ कालरात्रि, माँ महागौरी और माँ सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है।
प्रमुख तथ्य:
- तिथि: 28 मार्च 2025 (शुक्रवार) से 5 अप्रैल 2025 (शनिवार)
- व्रत और उपवास: इस दौरान श्रद्धालु विशेष रूप से व्रत रखते हैं, उपवास करते हैं और देवी माँ की आराधना करते हैं।
- पूजा विधि: नवरात्रि के दौरान घटस्थापना की जाती है और हर दिन माँ दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा होती है।
- समाप्ति: नवमी के दिन कन्या पूजन और हवन करके नवरात्रि की समाप्ति होती है।
यह पर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह समाज में एकता, श्रद्धा और भक्ति का संदेश भी देता है। इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है, और लोग अपने घरों को सजाकर देवी माँ का स्वागत करते हैं।
विशेष कार्यक्रम और आयोजन:
चैत्र नवरात्रि के दौरान विभिन्न मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, कलश स्थापना और आरती का आयोजन किया जाता है। इसके अलावा, गरबा और डांडिया जैसे सांस्कृतिक आयोजन भी बहुत लोकप्रिय होते हैं।
इस पर्व का उद्देश्य बुराई पर अच्छाई की जीत और आत्मिक शुद्धता की प्राप्ति है।

